सुख, शांति और सहज जीवन का वैज्ञानिक मार्ग
Universe Of Spritual Enlightenment (U.S.E)
U.S.E. क्या है
USE जगत की एकमात्र ऐसी संस्था (NGO) है, जो केवल अध्यात्म विज्ञान की शिक्षा हेतु संकल्पित है।
पृष्ठिय परिस्थितियों के प्रभावी समाधान हेतु, भारतीय दर्शन की मूल आध्यात्मिक शक्ति को पुनः जागृत करना, समाज को वैज्ञानिक, तार्किकता आत्मान्वेषण की दिशा में अग्रसर करना तथा वर्तमान से लेकर आने वाली पीढ़ियों तक के लिए शाश्वत ज्ञान विरासत स्थापित करने की अत्यंत आवश्यकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए हमारे संस्थान ने विगत 14 वर्षों के सघन, गहन और वैज्ञानिक शोध के पश्चात भारतीय दर्शन के मूल सिद्धांत ‘आत्मा का विज्ञान’ (Science of Soul) — पर आधारित एक अद्वितीय, कर्मक्षम, गुरुकुल शैली पूर्ण जीवनोपयोगी पाठ्यक्रम विकसित किया है, जो आज की भाषा, तर्क और समस्याओं के अनुरूप समाधान प्रदान करेगा तथा शोध, शिक्षण और प्रशिक्षण के विविध कार्यक्रमों का भी संचालन करेगा।
USE एक पूर्णतः तटस्थ (न्यूट्रल) संस्था है, जो किसी भगवान, धर्मगुरु, पंथ या रीति-रिवाज की चर्चा न करके केवल सुख और शांति के सार्वभौमिक मार्ग का परिचय कराती है। इसका मुख्य विषय जीव (आत्मा) ऐसा तत्व है, जिसके संबंध में किसी भी दर्शन, धर्म या संप्रदाय को कोई विरोध नहीं है। इसलिए USE निर्विरोध, गुटनिरपेक्ष और शुद्ध दार्शनिक दृष्टि से जीव और शाश्वत सुख को विभिन्न सिद्धांतों के माध्यम से समझाने वाली एक अद्वितीय सार्वभौमिक शिक्षण संस्था है।
विद्वानों को राज्य सरकार की तरह समानजनक स्थान आजीविका देकर, समाज को उसके इच्छित समय व स्थान अनुसार निःशुल्क शिक्षण देकर और प्रायोजकों को निष्काम व शाश्वत धर्मभावना के अनुरूप कर, सभी को पूर्णतः निश्चिंत कर दिया है। यही USE की अनूठी पहचान है, जहाँ “सेवक लेना, सिखाने वाला और सहायक देने वाला — सभी पूर्णतः निश्चिंत हैं।”
आज शिक्षण संस्थाओं की अधिकांश शिक्षा वस्तुनिष्ठ व जीवनोपयोगी नहीं। USE ने शिक्षा का ऐसा मॉडल विकसित किया है, जो पूर्णतः व्यावहारिक है और जीवन की हर घटना में उपयोगी होगा, साथ ही हमारी सुख-शांति का कारण भी बनेगा।
USE प्रशिक्षित विद्वानों को देश के विभिन्न शहरों में उस क्षेत्र के CEO के रूप में नियुक्त करेगा, जो निःशुल्क अपने इच्छित समय व स्थान (सामाजिक धर्मस्थानों) पर अध्यात्मविज्ञान का निष्काम अध्ययन कराएंगे। साथ ही इच्छुक साधकों को अध्ययन का प्रशिक्षण देकर प्रत्येक केंद्र को स्वावलंबी बनाने की दिशा में भी कार्य करेंगे। साथ ही विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में पूर्णतः निःशुल्क और व्यक्तिगत कार्यक्रमों में नाममात्र सहयोग हेतु भी उपलब्ध रहेंगे।
USE द्वारा आयोजित सभी कार्यक्रमों के मूल्यांकन व गुणवत्ता प्रबंधन हेतु एक पृथक टीम बनाई जा रही है, जिसका कार्य सभी कार्यक्रमों पर सतत नियंत्रण रखना और उन्हें उन्नयन हेतु पुनः-प्रशिक्षण की व्यवस्था करना होगा।
सतत नए शैक्षणिक उत्पादों के विकास व प्रशिक्षण आदि विभिन्न योजनाओं के व्यवस्थितकरण एवं क्रियान्वयन हेतु केंद्रीय शोध केंद्र की स्थापना की गई है, इसका कार्यक्षेत्र तत्वज्ञान, शिक्षण तकनीक, कॉल सेंटर, वेबसाइट, ऐप, सेवा योजनाओं का प्रबंधन आदि सभी होगा, इसके लिए आवश्यकतानुसार विशेषज्ञों की सेवाएं, सहयोग और निर्देश दोनों स्तर से ली जाएंगी।
ज्ञान प्रदान करने वाले निष्पक्ष विद्वानों की एक समर्पित टीम तैयार करने हेतु, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 185 आवेदक शास्त्री विद्वानों में से केवल 25 का चयन कर, उन्हें प्रतिदिन लगभग दस घंटे का गहन प्रशिक्षण (लाइव ज़ूम पर एवं रिकॉर्डिंग यूट्यूब पर उपलब्ध) दिया जा रहा है।
इन्हीं में से वरिष्ठता प्राप्त 15 प्रशिक्षित विद्वानों का अंतिम चयन किया जाएगा।
यह प्रक्रिया इसी तरह अबाधित चलती रहेगी।
USE शिक्षा की विशेषताएं
सार्वभौमिक सत्य आधारित पंथनिरपेक्ष शिक्षा
USE किसी भगवान, धर्म, गुरु या पंथ की व्याख्या नहीं करता। यह सभी मतों से ऊपर उठकर वस्तुतत्त्व, तर्क और वैज्ञानिक सार्वभौमिक सत्य सिखाता है, जो आस्तिक-नास्तिक, धार्मिक-वैज्ञानिक सभी के लिए समान रूप से उपयोगी है।
लघु-समूह आधारित शिक्षा
USE की शिक्षा केवल शरीर या भौतिक विज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि शुद्ध जीव (आत्मा) की शक्तियों, सामर्थ्य और सीमाओं को समझाकर व्यक्ति को सही जीवन-दृष्टि और संतुलित निर्णय क्षमता प्रदान करती है।
सहज जीवन का निर्माण
जीवनशैली बदले बिना, तर्क और चिंतन शक्ति के विकास द्वारा USE जीवन को सरल, शांत और सहज बनाता है, जिससे मानसिक तनाव घटता है तथा मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में संतुलन आने की संभावना बढ़ती है।
निरंतर नवीन शैक्षणिक कार्यक्रम
USE केंद्रीय स्तर पर निरंतर नए शैक्षणिक कार्यक्रमों का निर्माण, प्रशिक्षण और प्रस्तुतीकरण करता है तथा सभा, कक्षा, प्रवचन, यात्रा आदि विभिन्न माध्यमों से नियमित रूप से जीवनोपयोगी शिक्षण प्रदान करता है।
भावनात्मक दबाव एवं धार्मिक प्रतिबंधों से मुक्त शिक्षा
USE न भय दिखाता है, न नियम थोपता है और न धार्मिक प्रतिबंध लगाता है। यहाँ केवल समझ, तर्क और स्पष्ट दिशा दी जाती है, जिससे व्यक्ति बिना दबाव के स्वयं जीवन में सकारात्मक परिवर्तन कर सके।
शरीर से परे, आत्मविज्ञान की समझ
USE 10–15 विद्यार्थियों के छोटे, संवादात्मक समूहों में शिक्षा देता है, जिससे व्यक्तिगत मार्गदर्शन, गहरी समझ, सक्रिय सहभागिता और स्थायी जीवन परिवर्तन संभव होता है, जो बड़े समूहों में प्रायः कठिन होता है।
समझ व अनुभव आधारित शिक्षा एवं मूल्यांकन
USE की शिक्षा रटंत ज्ञान पर नहीं, बल्कि समझ, अनुभव और दैनिक जीवन में लागू होने योग्य तार्किक संवाद आधारित शिक्षण पर केंद्रित है, जिससे ज्ञान केवल जानकारी न रहकर जीवन का हिस्सा बनता है।
समाज / व्यक्ति से अपेक्षा
USE जनसेवा को समर्पित है और समाज या व्यक्ति से किसी आर्थिक योगदान की अपेक्षा नहीं रखता। केवल समय और स्थान की अपेक्षा करता है, ताकि सुख, शांति, सहजता और सकारात्मक सोच का प्रसार हो सके।
U.S.E. द्वारा संचालित योजनाएं
USE-CAP (सेंटर फॉर एप्लाइड फिलोसॉफी)
USE-CAP के अंतर्गत जो व्यक्ति अपने यहाँ उक्त सेंटर आरम्भ करेगा, वहाँ विद्वान निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, वर्तमान में दिल्ली और मुंबई केंद्र में कई स्थानों पर उक्त कक्षाएं संचालित हैं।
USE-PPP (पाठशाला प्रमोशन प्रोग्राम)
USE-PPP के अंतर्गत नए अध्यापकों द्वारा पाठशालाओं का संचालन कराया जाता है, जहाँ 40 साप्ताहिक कक्षाएँ आयोजित होती हैं तथा शिक्षक और विद्यार्थियों को निर्धारित आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है।
USE-STP (Scholars Training Program)
USE-STP के अंतर्गत चयनित छात्रों को आधुनिक विज्ञान के साथ अध्यात्म विज्ञान का गहन प्रशिक्षण दिया जाता है। यह 6 माह का कार्यक्रम है, जिसमें सैद्धांतिक व प्रायोगिक शिक्षण शामिल है।
भावी योजना
जीवन दृष्टि परिवर्तन का उद्देश्य
आधुनिक जीवन की भौतिक प्रगति के बावजूद बढ़ते तनाव, चिंता, वैचारिक संघर्ष और मानसिक अशांति का मूल कारण हमारी सोच और समझ है। USE का उद्देश्य मानव को उसकी चिंतन पद्धति, तर्कशक्ति और आत्मबोध के माध्यम से जीवन के वास्तविक स्वरूप से परिचित कराना है, ताकि व्यक्ति भौतिक और आत्मिक संतुलन के साथ शांत, सहज और आनंदपूर्ण जीवन जी सके।
आधुनिक जीवन में सुख सुविधाओं के बढ़ने के बावजूद भी उपभोगवाद, सामाजिक भेद, वैचारिक कटुता, तनाव, डिप्रेशन, चिंता व आपसी कलह, आपसी अविश्वास आदि मानसिक समस्याओं के कारण व्यक्ति दुख निरंतर बढ़ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण हमारी सोच है, इसलिए USE का पहला उद्देश्य आपकी चिंतन पद्धति को सुधारना है।
आधुनिक विज्ञान जहाँ भौतिक विकास पर केंद्रित है, वहीं आत्मविज्ञान के बारे में मौन है। इसके ज्ञान, हमारे दुख का सबसे बड़ा और वस्तुतः एकमात्र कारण है, अतः USE का दूसरा उद्देश्य आत्मा (जीव) के स्वरूप को समझकर तर्क शक्ति विकसित करना है, ताकि भौतिक और आत्मविज्ञान में संतुलन स्थापित हो सके।
जीवन में संयोग पूर्वर्जित कर्मों के अनुसार ही प्राप्त होते हैं, उन्हें रोका नहीं जा सकता, परंतु उनके घटित होने पर भी USE आपको वस्तुतत्त्व और अकर्मत्व के ज्ञान से प्रेरित चिंतन पद्धति द्वारा अधिकतम तनावमुक्त, शांत और सहज रहकर, जीवन का पूर्ण आनंद लेना सिखाता है।
USE-CAP
जैन सिद्धांतों के बल पर दैनिक जीवन में सुख-शांति पाएँ। आज और भी आसान, वह भी आपके जीवन शैली में कोई परिवर्तन किए बिना। वर्षों की खोज-साधना के बाद USE-CAP लाया है, “मानवोपयोगी जीवनोपयोगी दर्शन” पाठ्यक्रम, जो आपके सोचने की दिशा व दशा को सकारात्मक रूप से परिवर्तित करेगा, जिसके अभ्यास से आप पहले ही वर्ष में, स्वयं को तन-मन-धन और आत्म-विकास से भरपूर पाएँगे, इसके बाद आगे अध्ययन करना आपके इच्छानुसार रहेगा।
जीवन की सही दिशा की ओर पहला कदम बढ़ाएँ
तनाव, भ्रम और मानसिक असंतुलन से ऊपर उठकर
तर्क, समझ और आत्मबोध के माध्यम से
शांत, सहज और संतुलित जीवन जीना सीखें।